Initial Coin Offering (ICO) क्या है ICO Meaning in Hindi ICO कैसे काम करता हैं ?

क्या आपने कभी ICO क्या है इसका मतलब क्या होता है या कहां पर इस्तेमाल होता है इसके बारे में कभी सुना है अगर आप क्रिप्टो करेंसी में रुचि रखते होंगे तो आपने इसका नाम जरूर सुना होगा दोस्तों जैसे कि आजकल क्रिप्टो करेंसी इंडियन इंटरनेट पर काफी ज्यादा पॉपुलर हो रहा है तो हम आपको आईसीयू के बारे में बताना चाहते हैं।

आजकल इंटरनेट पर क्रिप्टो करेंसी से जुड़ी नई नई खबरें आए दिन मिलती रहती है क्योंकि क्रिप्टो करेंसी काफी तेजी से ग्रोथ कर रहा है ऐसे में धीरे-धीरे लोग क्रिप्टोकरंसी से जुड़ी सभी जानकारी पाना चाहते हैं।

आजकल जब भी हम किसी भी क्रिप्टो करेंसी की बात करते हैं तो एक नई चीज हमें देखने को मिलती है जिसका नाम है Initial Coin Offering (ICO). आजकल यह शब्द इंटरनेट पर काफी चर्चा का विषय बना हुआ है लेकिन बहुत से लोगों को ICO के बारे में सही जानकारी नहीं पता है।

इसलिए मैं आज आप लोगों को आईसीयू से संबंधित सारी जानकारी अपने इस लेख के माध्यम से देने वाला हूं जिसके बाद आपको ICO के बारे में पूरी जानकारी हो जाएगी तो चलिए हम ICO के बारे में जानना शुरू करते हैं।

ICO Full Form (ICO Full Form in Hindi):-

ICO ke बारे में  जानने से पहले हमें ICO का फुल फॉर्म क्या होता है उसके बारे में जान लेना चाहिए। वैसे तो ICO के कई फुलफॉर्म होते हैं लेकिन क्रिप्टो करेंसी के क्षेत्र में आईसीयू का एक फुल फॉर्म होता है।

ICO Full Form:- Initial Coin Offering Or Initial Currency Offering

ICO Full Form in Hindi:- आरंभिक सिक्का ऑफरिंग

ICO Meaning in Hindi(ICO का मतलब):- 

ICO के बारे में जानने से पहले हमें इसका हिंदी में मतलब क्या होता है उसके बारे में जान लेते हैं क्रिप्टो करेंसी से जुड़े लोगों को आईसीयू के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी होगी ICO का मतलब Initial Coin Offering होता है। जिसका हिंदी में अनुवाद “आरंभिक सिक्का ऑफरिंग” होता है। यह क्रिप्टो करेंसी जारी करने के लिए क्राउडफंडिंग के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

ICO क्या होता हैं (What is ICO in Hindi):-

Crypto मार्केट में आए दिन नई नई क्रिप्टो करेंसी जारी होती रहती हैं और उनके लिए कौन फंडिंग का इस्तेमाल किया जाता है।

ICO उन Cryptocurrency को जारी करने के लिए क्राउडफंडिंग के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

जब किसी भी क्रिप्टो करेंसी के लिए क्राउडफंडिंग कोई कट्ठा किया जाता है तो उस प्रक्रिया में कंपनी अपने इन्वेस्टर्स को जो कंपनी में पैसा जुटाने के लिए मदद करते हैं उनको अपनी कंपनी का कुछ शेयर देती है वह शेयर एक टोकन होता है।

उस टोकन को इन्वेस्टर जैसे चाहे जहां चाहे वहां इस्तेमाल कर सकता है।

Investor company द्वारा जारी किए गए टोकन को जब चाहे अपनी इच्छा अनुसार भेज सकता है या फिर उसको अपने पास ही रख सकता है और इसके प्राइस में बढ़ोतरी होने का इंतजार कर सकता है उस टोकन का इस्तेमाल बिटकॉइन डॉग कॉइन या किसी अन्य क्रिप्टो करेंसी को खरीदने के लिए भी कर सकता है या टोकन हर जगह इस्तेमाल में लिए जा सकते हैं।

History Of ICO in Hindi (Initial Coin Offering):-

Initial coin offering सबसे पहले मास्टर कॉइन द्वारा जुलाई 2013 में इस्तेमाल में ली गई थी और उस समय टोकन की पहली बिक्री आयोजित की गई थी।

सन 2014 में एथेरियम में अपने पहले टोकन के साथ मात्र 12 घंटों में 3700 बिटकॉइन जुटाए थे जिसकी कीमत लगभग 2.3 मिलियन डॉलर के बराबर होती है।

टोकन बिक्री और ICO आज के समय में देखा जाए तो काफी ज्यादा लोकप्रिय हो गए हैं इसमें दिन प्रतिदिन होने वाले मुनाफे से ICO ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है।

ICO क्यों उपयोग करते हैं?(Why ICO Uses):-

जब किसी की भी कंपनी को शुरू किया जाता है तो उसकी सबसे पहली प्रायोरिटी होती है पैसे जुटाना जो कि वह अपने प्रोडक्ट के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं उसके पास कैश जुटाने की कुछ तीन प्रमुख तरीके होते हैं: –

वह किसी बैंक सही लोन ले सकते हैं और अपनी कंपनी को फंडिंग करवाई कर सकते हैं इसके लिए कंपनी को बैंक को ब्याज देना पड़ता है।

दूसरा व इन्वेस्टर से पैसा लेकर उन्हें अपनी कंपनी में कुछ परसेंट शेयर दे सकते हैं।

तीसरा तरीका वह प्रोडक्ट का एडवांस आर्डर ले सकते हैं जिससे कि पैसे इकट्ठा हो सकते हैं।

ICO किसी भी व्यक्ति और कंपनी के लिए अपनी योजनाओं को सफल बनाने के लिए फंड जुटाने का सबसे आसान और अच्छा तरीका हो सकता है और इसके साथ साथ छोटे से छोटा व्यक्ति भी उसके प्रोजेक्ट में अपने इन्वेस्टमेंट कर सकता है।

जब भी किसी कंपनी या स्टार्टअप की शुरुआत होती है तो वह पैसे जुटाने के लिए ICO का ही इस्तेमाल करते हैं वह अपने कंपनी के लिए क्राउड फंडिंग के जरिए पैसा जुटाते हैं और इस प्रक्रिया को हम ICO कहते हैं।

ICO कैसे काम करता हैं?(How ICO Works in Hindi):-

जब भी कोई भी क्रिप्टो करेंसी कंपनी  ICO के जरिए क्रिप्टो फंडिंग के द्वारा पैसे इकट्ठा करती है तो सबसे पहले कंपनी को एक प्लान बनाना होता है इसके लिए कंपनी अपने पूरे प्लांट का एक ब्लूप्रिंट तैयार करती है और उस पर अपने प्रोजेक्ट से संबंधित सारी जानकारी लिखती है जिसमें वह बताते हैं कि उस कंपनी में कितने पैसे लगेंगे और कंपनी को कितने पैसों की आवश्यकता है।

कंपनी से संबंधित सारी जानकारी एक वाइट पेपर पर निकल जाती है जिसमें कंपनी को कितना फंड विश करने में कितना समय लगने वाला है यह आईसीयू कैंपियन कितने दिन तक चलेगा और अगर रेज की गई रकम प्लान की गई रकम से कम हो जाती है तो ऐसे में क्या होने के चांसेस हैं यह सारी जानकारी उस वाइट पेपर पर लिखी जाती है। यह White Paper ICO को बहुत important कागज माना जाता हैं।

निवेशकों को ICO में इन्वेस्ट करना काफी पसंद होता है क्योंकि इसमें इक्विटी शामिल नहीं होती है और शुरुआत के समय में यह कम दरों में मिल जाती है और जैसे-जैसे कंपनी ग्रोव होती है इसकी प्राइस वैल्यू भी पढ़ते जाती है।

इसीलिए इन्वेस्टर्स से कम दामों में खरीदकर और जब इसकी प्राइस वैल्यू और मार्केट वैल्यू पड़ जाती है तो उसे बीच पर अच्छा खासा मुनाफा कमा लेते हैं।

उदाहरण के तौर पर मैं आपको बता दूं शुरुआती दौर में बिटकॉइन मात्र $1 में था और आज के समय में यह $1000 को भी पार कर लिया है।

Advantage and Disadvantage Of ICO:-

जैसे कि हर चीज में कुछ अच्छाइयों के साथ-साथ कुछ बुराइयां भी होते हैं ठीक वैसे ही ICO के बहुत  फायदे हैं और उसके साथ साथ ही इसके कुछ नुकसान भी हैं आइए हम आपको ICO के नुकसान और फायदे के बारे में बताते हैं।

ICO के Advantage in Hindi:-

जब भी किसी कंपनी की शुरुआत होती है तब हम ICO टोकन कम मूल्य पर खरीद सकते हैं और जब इसकी प्राइस वैल्यू मार्केट वैल्यू बढ़ जाती है तो इसे बेचकर आम अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं।

इन्वेस्टर बड़ी आसानी से ICO  में इन्वेस्ट कर सकते हैं कोई भी व्यक्ति इसमें निवेश कर सकता है, और फायदा कमा सकता है।

जो भी कंपनी अपने प्रोडक्ट के लिए रकम इकट्ठा करने की सोचती है वह ICO के द्वारा क्राउड फंडिंग बड़ी ही आसानी से कर सकते हैं, और पैसे जुटा सकते हैं।

Disadvantage of ICO in Hindi:-

ICO काफी ट्रांसपेरेंट माना जाता हैं इसलिए इसके कुछ नुकसान भी हैं इसमें निवेश करने से पहले आपको अपने प्रोजेक्ट के बारे में सारी जानकारी होनी चाहिए और अगर आप आधी अधूरी जानकारी के साथ में निवेश करते हैं तो आपको काफी नुकसान हो सकता है।

ICO काफी लोकप्रिय हो चुका है इसलिए बहुत से कंपनियां इसके नाम पर फर्जी काम भी कर रही है इसलिए हमको काफी सावधान रहना पड़ता है।

यह एक बहुत ही रिस्क भरा काम होता है इसके कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है इसलिए इसमें निवेश करना जोखिम भरा होता है पूर्ण जानकारी के साथ ही इसमें निवेश करना अच्छा होता है।

आज हमने क्या सीखा:-

मैं उम्मीद करता हूं कि आपको मेरा यह आर्टिकल समझ आया होगा। मेरी आपको एक सलाह है कि अगर आप को अपने प्रोजेक्ट के बारे में पूरी जानकारी हो तभी आप इसमें निवेश करें अन्यथा इसमें आपको काफी नुकसान सहना पड़ सकता है।

अगर आपको मेरा यह लेख पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ जरूर साझा करें ताकि उनको भी आई सी ओ के बारे में जानकारी मिल सके।

मेरा हमेशा से यही प्रयास रहता है कि मैं अपने पाठकों को ज्यादा से ज्यादा जानकारी प्रदान कर सकूं अगर इस लेख से संबंधित आप कोई भी प्रश्न पूछना चाहते हैं तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं हम आपके हर सवाल का जवाब जल्द से जल्द देने की कोशिश करेंगे।

मेरा आप सभी पाठकों से यह अनुरोध है क्या आप इस लेख को अपने दोस्तों के साथ जरूर साझा करें मुझे आप लोगों के सपोर्ट की अत्यंत आवश्यकता है जिससे कि मुझे मोटिवेशन मिल सके और हम आप लोग को और जानकारी दे सकें।

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